गुरु चांडाल योग शांति पूजा उज्जैन | Guru Chandal Yog Shanti Puja in Ujjain
यदि आपकी कुंडली में गुरु (बृहस्पति) और राहु या केतु एक ही भाव में स्थित हैं, तो यह गुरु चांडाल दोष (Guru Chandal Dosh) का संकेत है। ज्योतिष शास्त्र में इस दोष को अत्यंत हानिकारक माना गया है — यह व्यक्ति की बुद्धि, शिक्षा, धन, रिश्ते और आध्यात्मिकता सभी को प्रभावित करता है। इस दोष के निवारण के लिए उज्जैन में गुरु चांडाल योग शांति पूजा सबसे प्रभावशाली उपाय माना जाता है। पंडित मंगलेश शर्मा जी 23+ वर्षों के अनुभव के साथ उज्जैन में यह पूजा विधिवत संपन्न कराते हैं।
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गुरु चांडाल दोष क्या है? (What is Guru Chandal Dosh?)
गुरु चांडाल दोष (Guru Chandal Dosh) वैदिक ज्योतिष का एक महत्वपूर्ण अशुभ योग है। यह दोष तब बनता है जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बृहस्पति (Guru/Jupiter) और राहु या केतु एक ही भाव (House) में स्थित हों। गुरु ग्रह ज्ञान, विवेक, धर्म, शिक्षा और समृद्धि के कारक हैं। राहु और केतु छाया ग्रह हैं जो भ्रम, भटकाव और नकारात्मकता के प्रतीक हैं। जब ये मिलते हैं, तो गुरु की शुभता नष्ट होने लगती है।
गुरु चांडाल दोष दो प्रकार का होता है:
- गुरु-राहु चांडाल योग — जब गुरु और राहु एक भाव में हों
- गुरु-केतु चांडाल योग — जब गुरु और केतु एक भाव में हों
गुरु चांडाल दोष के लक्षण क्या है?
कुंडली मे यदि गुरु चांडाल दोष हो तो व्यक्ति कई समस्याओ का सामना करना पड़ता है, इन समसायाओ के आधार पर आप यह जान सकते है की आपकी कुंडली मे भी गुरु चांडाल दोष है या नही।
- यदि कुंडली मे गुरु चांडाल दोष हो तो व्यक्ति सदैव किसी न किसी बीमारी से सदैव ग्रसित रहता है।
- जिस किसी व्यक्ति की कुंडली मे गुरु चांडाल दोष होता है उसका चरित्र अशक्त हो जाता है।
- इस दोष के कारण व्यक्ति सदैव बीमारियो से घिरा रहता है।
- पाचन तंत्र, कैंसर या अन्य किसी गंभीर बीमारी होने का डर रहता है।
- अकीर्ति या निंदा का सामना करना पड़ता है।
- व्यक्ति के धर्मभ्रष्ट होने का खतरा बढ जाता है।
- किसी महिला की जन्मकुंडली मे यह दोष हो तो उसे वैवाहिक जीवन मे बहुत समस्याओ का सामना करना पड़ता है।
- इस दोष के कारण व्यक्ति के अच्छे गुण कम हो जाते है, और नकारात्मक या बुरे गुण बढ़ जाते है।
- अनैतिक या अवैध कार्यो मे व्यक्ति की रुचि बढने लगती है।
गुरु चांडाल दोष के घरेलू उपाय कौन-कौन से है?
गुरु चांडाल दोष के उपाय निम्नलिखित है, आप इन उपायो की मदद से गुरु चांडाल दोष के प्रभाव को कुछ समय के लिए कम कर डाकते है।
- गुरुवार का व्रत रखना और भगवान विष्णु की पूजा करना गुरु चांडाल दोष के प्रभाव को कम करने का एक अच्छा उपाय है।
- गुरु चांडाल दोष के असर को कम करने के लिए आप रोज प्रातः सूर्य को जल अर्पण करे, और सूर्य की उपासना करें।
- गुरुवार को पीले रंग का दान करना, जैसे कि पीले कपड़े, पीले चावल, और पीली फल, इस दोष को कम करने में मदद कर सकता है।
- गुरु चांडाल दोष के प्रभाव को कम करने के लिए पीले वस्त्र धारण करना चाहिए।
- गुरु और राहु के मंत्रों का नियमित जाप करने से इस योग के नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है।
- भगवान शिव की उपासना करना भी इस दोष को कम करने में मदद कर सकता है।
अगर आप गुरु चांडाल दोष से हमेशा के लिए मुक्ति पाना चाहते है, तो आपको जल्दी ही गुरु चांडाल दोष निवारण पूजा सम्पन्न करानी चाहिए।
गुरु चांडाल योग शांति पूजा क्या है?
गुरु चांडाल दोष पूजा मुख्य रूप से एक ज्योतिषीय अनुष्ठान होता है, जिसका उद्देश्य गुरु ग्रह (बृहस्पति) के दोषों को शांत करना होता है। यह मान्यता है कि जब किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में गुरु चांडाल दोष होता हैं, तो उस व्यक्ति को कई प्रकार की समस्याएँ हो सकती हैं। इसके उपाय के रूप में गुरु चांडाल दोष निवारण पूजा को सम्पन्न किया जाता है।
उज्जैन में गुरु चांडाल दोष पूजा का आयोजन किया जाता है, जिसमें विशेष विधियों और मंत्रों के साथ पूजा को सम्पन्न किया जाता है। इस पूजा के सम्पन्न होने के बाद जातक गुरु चांडाल दोष से पूर्ण रूप से मुक्ति पा सकता है।
गुरु चांडाल योग शांति पूजा विधि (Puja Vidhi — Step by Step)
- संकल्प एवं मुहूर्त निर्धारण: पूजा प्रारंभ होने से पहले यजमान का संकल्प लिया जाता है। पंडित जी जन्म कुंडली के आधार पर शुभ मुहूर्त निर्धारित करते हैं। गुरुवार (बृहस्पतिवार), पुष्य नक्षत्र और पूर्णिमा के दिन यह पूजा विशेष रूप से प्रभावशाली होती है।
गणपति पूजन एवं कलश स्थापना: सर्वप्रथम भगवान गणेश का पूजन होता है। इसके बाद षोडश मातृका पूजन, कलश स्थापना और नवग्रह स्थापना की जाती है। सभी नौ ग्रहों का आवाहन किया जाता है।
- गुरु एवं राहु/केतु यंत्र अभिषेक:गुरु यंत्र और राहु/केतु यंत्र का पंचामृत से अभिषेक किया जाता है। भगवान विष्णु और भगवान शिव का विशेष पूजन होता है। पीले वस्त्र, पीले फूल, हल्दी, चंदन और तुलसी चढ़ाई जाती है।
- मंत्र जाप (सबसे महत्वपूर्ण चरण):
अनुभवी पंडित जी द्वारा निम्नलिखित मंत्रों का जाप किया जाता है:
गुरु मंत्र: “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः गुरवे नमः” — 19,000 बार
राहु मंत्र: “ॐ रां राहवे नमः” — 18,000 बार (राहु योग होने पर)
केतु मंत्र: “ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः केतवे नमः” — 17,000 बार (केतु योग होने पर) - हवन एवं आहुति: हवन कुंड में गुरु की समिधा (पीपल की लकड़ी), हल्दी, केसर, शुद्ध घी और विशेष हवन सामग्री की आहुतियाँ दी जाती हैं। भगवान शिव का रुद्री पाठ के साथ अभिषेक किया जाता है।
- दान एवं विसर्जन: पूजा के अंत में गुरु एवं राहु/केतु शांति की वस्तुओं का दान किया जाता है। गुरु शांति के लिए पीले वस्त्र, हल्दी, केले, सोना और पीली मिठाई का दान शुभ होता है। ब्राह्मण भोज और दक्षिणा से पूजा संपन्न होती है।
उज्जैन में गुरु चांडाल दोष पूजा का खर्च कितना है?
उज्जैन में गुरु चांडाल दोष पूजा का खर्च पूजा के प्रकार, पंडितों की संख्या और अनुष्ठान की जटिलता पर निर्भर करता है। उज्जैन में आयोजित पूजा की लागत 2,000 से 4,000 रुपये तक हो सकती है। इस पूजा का बजट-अनुकूल और प्रभावी है किन्तु यह एक अनुमानित पूजा-खर्च है जो की पूजा पंडित की दक्षिणा पर निर्भर करता है। पूजा की सम्पूर्ण जानकारी के लिए आज ही उज्जैन के श्रेष्ठ पंडित मंगलेश शर्मा जी से संपर्क करें।
गुरु चांडाल दोष पूजा के लाभ कौन-कौन से है?
उज्जैन में गुरु चांडाल दोष पूजा के लाभ जीवन बदलने वाले होते हैं जो की निम्नलिखित है:
शिक्षा में प्रगति: एकाग्रता में सुधार, उच्च शिक्षा में सफलता।
आर्थिक स्थिरता: हानि और अप्रत्याशित खर्च से मुक्ति।
आध्यात्मिक जागृति: धार्मिक विश्वासों में स्पष्टता, सही मार्गदर्शन।
पारिवारिक सुख: रिश्तों में सामंजस्य, तनाव में कमी।
मानसिक शांति: चिंता और अनिर्णय से मुक्ति।
उज्जैन मे गुरु चांडाल दोष पूजा बुक कराये!
पंडित मंगलेश शर्मा पिछले कई वर्षो से गुरु चांडाल दोष पूजा उज्जैन मे कर रहे है, और पंडित जी के पास वर्षभर गुरु चांडाल दोष पूजा के लिए लोग आते है, और अपनी समस्याओ और बाधाओ से छुटकारा पाते है। अगर आप भी अपनी किसी समस्या के समाधान के लिए पूजा करवाना चाहते है, तो नीचे दी गई बटन पर क्लिक करके पंडित जी से बात कर सकते है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न — Guru Chandal Yog Shanti Puja (FAQ)
गुरु चांडाल दोष कैसे पता करें?
क्या गुरु चांडाल दोष पूजा के लिए उज्जैन सबसे अच्छा स्थान है?
हाँ, उज्जैन भगवान महाकाल की नगरी है और यहाँ की गई पूजा का प्रभाव अन्य स्थानों की तुलना में अधिक होता है।
गुरु चांडाल दोष पूजा में कितना समय लगता है?
सामान्य पूजा 2 से 3 घंटे में पूरी हो जाती है, जबकि विशेष संकल्प पूजा में 5 से 6 घंटे तक का समय लग सकता है।
क्या गुरु चांडाल दोष पूजा के लिए उपवास रखना जरूरी है?
हाँ, पूजा के दिन सात्विक आहार लें और उपवास रखना शुभ माना जाता है।
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