उज्जैन कालसर्प दोष पूजा: फरवरी 2026 की शुभ तिथियां और मुहूर्त
आपके बनते हुए काम बिगड़ रहे हैं? क्या आपको लगातार मानसिक तनाव, आर्थिक तंगी या पारिवारिक कलह का सामना करना पड़ रहा है? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ये काल सर्प दोष के लक्षण हो सकते हैं। इस दोष के निवारण के लिए मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन (अवंतिका) को पूरे विश्व में सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
इस विशेष लेख में हम आपको बताएंगे कि फरवरी 2026 में उज्जैन में काल सर्प दोष पूजा के लिए सबसे शुभ तिथियां कौन सी हैं और इस पूजा का महत्व क्या है।
उज्जैन में काल सर्प दोष पूजा का महत्व
उज्जैन, मोक्षदायिनी शिप्रा नदी के तट पर स्थित है और यहाँ साक्षात भगवान महाकालेश्वर विराजमान हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, उज्जैन पृथ्वी का केंद्र बिंदु है। यहाँ की गई काल सर्प दोष शांति पूजा का फल अत्यंत शीघ्र प्राप्त होता है क्योंकि यहाँ राहु और केतु के नकारात्मक प्रभाव को कम करने की दिव्य शक्ति मौजूद है।
फरवरी 2026 के लिए शुभ मुहूर्त और तिथियां
काल सर्प दोष की शांति के लिए पंचमी, एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या की तिथियां अत्यंत फलदायी मानी जाती हैं। फरवरी 2026 में पूजा के लिए निम्नलिखित तिथियां सर्वश्रेष्ठ हैं:
| तिथि / पर्व | दिनांक (फरवरी 2026) | महत्व |
| माघ पूर्णिमा | 1 फरवरी 2026 | पवित्र स्नान और दोष निवारण के लिए उत्तम। |
| शतभिषा नक्षत्र | 5 फरवरी 2026 | राहु का नक्षत्र होने के कारण शांति पूजा हेतु विशेष। |
| विजया एकादशी | 13 फरवरी 2026 | बाधाओं को दूर करने और विजय प्राप्ति के लिए। |
| महाशिवरात्रि | 15 फरवरी 2026 | सर्वश्रेष्ठ दिन – महादेव की विशेष कृपा का महापर्व। |
| फाल्गुन अमावस्या | 17 फरवरी 2026 | पितृ शांति और काल सर्प दोष के लिए विशेष तिथि। |
| शुक्ल पंचमी | 21 फरवरी 2026 | नाग देवता की पूजा के लिए शास्त्रोक्त दिन। |
उज्जैन में पूजा की विधि और प्रक्रिया
कालसर्प पूजा उज्जैन मे मुख्य रूप से रामघाट या सिद्धवट मंदिर के पास विद्वान पंडितों द्वारा संपन्न की जाती है:
- शिप्रा स्नान और संकल्प: सबसे पहले पवित्र शिप्रा नदी में स्नान कर पूजा का संकल्प लिया जाता है।
- नाग-नागिन पूजन: चांदी के नाग-नागिन के जोड़े का विधिवत पूजन होता है।
- राहु-केतु शांति पाठ: वैदिक मंत्रों के द्वारा नवग्रह शांति और राहु-केतु के मंत्रों का जाप किया जाता है।
- रुद्राभिषेक: अंत में भगवान शिव का अभिषेक कर दोष मुक्ति की प्रार्थना की जाती है।
क्या आप उज्जैन में अपनी पूजा बुक करना चाहते हैं? महाशिवरात्रि और अमावस्या जैसे विशेष मुहूर्तों पर अत्यधिक भीड़ होती है, इसलिए अपनी पूजा पहले से बुक करना उचित रहता है।