अंगारक दोष पूजा उज्जैन (Angarak Dosh Puja in Ujjain at Angareshwar Temple)
पंडित जी से अभी बात करें (Call Now) (निःशुल्क परामर्श और मुहूर्त की जानकारी ले)
- निःशुल्क ज्योतिष परामर्श
- 100% वैदिक भात पूजा विधि (Bhat Puja)
- निःशुल्क वास्तु परामर्श
- वैदिक शस्त्रानुसार समाधान
अंगारक दोष क्या है? (What is Angarak Dosh?)
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब किसी जातक की कुंडली में मंगल (Mars) ग्रह के साथ राहु या केतु एक ही भाव में विराजमान हो जाते हैं, तो उस स्थिति को अंगारक योग या अंगारक दोष (Angarak Dosh) कहा जाता है।
मंगल “अग्नि” तत्व का कारक है और राहु “वायु” तत्व का। जब ये दोनों मिलते हैं, तो जीवन में ‘आग’ भड़कती है। यह योग व्यक्ति के स्वभाव को उग्र बना देता है और बनते हुए कार्यों में अचानक बाधाएं आने लगती हैं। अंगारक दोष पूजा उज्जैन में करवाने से इन दोनों ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा को शांत किया जाता है।
अंगारक दोष के लक्षण (Symptoms of Angarak Dosh)
अंगारक दोष का प्रभाव हर व्यक्ति पर अलग-अलग हो सकता है, लेकिन इसके कुछ सामान्य लक्षण हैं जिन्हें पहचानकर समय रहते उपाय करना आवश्यक है:
अत्यधिक क्रोध: अंगारक दोष का सबसे सामान्य लक्षण व्यक्ति का अत्यधिक क्रोधी स्वभाव होता है। मंगल ग्रह ऊर्जा और आक्रामकता का प्रतीक है, जबकि राहु भ्रम और आवेग को बढ़ाता है। व्यक्ति को छोटी-छोटी बातों पर बहुत तेज गुस्सा आता है और वह खुद पर नियंत्रण खो देता है।
दुर्घटना और रक्त विकार: जब कुंडली में मंगल और राहु की उग्र युति बनती है तो व्यक्ति को दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। बार-बार वाहन दुर्घटना होना, शरीर में चोट लगना, या खून से जुड़ी बीमारियों का होना।
विवाह और संबंधों में कड़वाहट: शादी में अकारण देरी होना या जीवनसाथी के साथ लगातार झगड़े होना।
कोर्ट केस और कानूनी विवाद (Court Cases): अंगारक दोष के कारण कई बार व्यक्ति को अनावश्यक विवादों और कानूनी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
भाइयों से विवाद: सगे भाइयों या मित्रों से धोखे मिलना या जमीन-जायदाद का विवाद होना।
उज्जैन में अंगारक दोष पूजा क्यों होती है? — अंगारेश्वर मंदिर का महत्व
महाराज विक्रमादित्य ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। संतों और शास्त्रों के अनुसार श्री अंगारेश्वर महादेव की पूजा से संतान, धन, भूमि, संपत्ति और यश की प्राप्ति होती है। भूमि विवाद और कानूनी मामलों में भी इनकी कृपा से शीघ्र समाधान मिलता है। यदि आप कालसर्प दोष पूजा भी कराना चाहते हैं, तो अंगारक दोष पूजा के दौरान दोनों पूजाएँ एक साथ संपन्न की जा सकती हैं।
अंगारक दोष पूजा विधि (Angarak Dosh Puja Vidhi Step by Step)
हमारे यहाँ पूजा पूर्ण वैदिक कर्मकांड के अनुसार संपन्न होती है, जिसमें लगभग 2 से 3 घंटे का समय लगता है। पूजा का क्रम इस प्रकार रहता है:
स्वस्ति वाचन एवं संकल्प: सबसे पहले पवित्र क्षिप्रा नदी के तट या मंदिर परिसर में यजमान के नाम और गोत्र से संकल्प लिया जाता है ताकि पूजा का पूरा फल आपको मिले।
गणेश-गौरी व नवग्रह पूजन: किसी भी शुभ कार्य से पहले गणेश जी और सभी 9 ग्रहों का आह्वान और पूजन किया जाता है।
कलश स्थापन और जाप: मंगल और राहु-केतु के मंत्रों का जाप ब्राह्मणों द्वारा किया जाता है ताकि नकारात्मक ऊर्जा दूर हो।
विशिष्ट भात पूजन: शिवलिंग पर दही और भात (चावल) का लेपन करके ‘अंगारक शांति’ की प्रार्थना की जाती है।
मंत्र जाप एवं हवन: अनुभवी पंडित जी द्वारा मंगल मंत्र “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” और राहु मंत्र का विधिवत जाप किया जाता है। हवन कुंड में मंगल की समिधा, लाल चंदन, गुग्गुल, लोबान, और शुद्ध घी की आहुतियाँ दी जाती हैं। हवन के दौरान महामृत्युंजय मंत्र जाप से वातावरण शुद्ध होता है।
नीचे दिए गए दिये में देखें कैसे होती है अंगारक दोष निवारण पूजा उज्जैन के श्री अंगारेश्वर मंदिर में।
अंगारक दोष पूजा खर्च (Angarak Dosh Shanti Puja Cost)
उज्जैन में पूजा का खर्च यजमान की श्रद्धा और पूजा के प्रकार पर निर्भर करता है। हमने आपकी सुविधा के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की हैं:
| पूजा का प्रकार | विवरण (Description) | किसके लिए सही है? |
| सामूहिक पूजा | अन्य भक्तों के साथ समूह में। | कम बजट वालों के लिए। |
| व्यक्तिगत पूजा | सिर्फ आपके और आपके परिवार के लिए। | शीघ्र और उत्तम फल के लिए। |
| महापूजा | अधिक ब्राह्मण और विशेष सामग्री। | गंभीर दोष निवारण के लिए। |
(नोट: पूजा की दक्षिणा, सामग्री और स्थान शुल्क के बारे में सटीक जानकारी के लिए आप हमें सीधे कॉल कर सकते हैं। हम पारदर्शी तरीके से आपको सारी जानकारी देंगे।)
अंगारक दोष पूजा के फायदे कौन-कौन से है?
अंगारक दोष पूजा कराने के बाद आप जीवन मे निम्नलिखित लाभों को देख सकते हो :-
- अंगारक दोष पूजा कराने से मांगलिक कार्य संपन्न होते हैं।
- इस पूजा के प्रभाव से आपके जितने भी रुके हुए काम हैं, वो पूरे हो जाते हैं।
- शारीरिक और मानसिक चिंताएं दूर होती हैं।
- नौकरी, करियर और जीवन में आ रही सभी प्रकार की बाधाएं दूर होती है।
Book Your Angarak Dosh Puja in Ujjain
अंगारक दोष से मुक्ति पाने के लिए अभी पंडित मंगलेश शर्मा जी से संपर्क करें। जन्म तिथि, समय और जन्म स्थान के साथ call करें और अपना मुहूर्त तय कराएँ। निसंकोच पंडित जी को कॉल करे पूजा की पूरी जानकारी ले और पूजा बुक कराये।
पंडित मंगलेश शर्मा जी — अंगारक दोष पूजा के अनुभवी विशेषज्ञ
पंडित मंगलेश शर्मा जी उज्जैन के प्रसिद्ध और अनुभवी ज्योतिषाचार्य हैं जिन्हें वैदिक कर्मकांड में 23+ वर्षों का अनुभव है। वे गणेश टेकरी, पटेल नगर, उज्जैन में स्थित हैं और वर्षभर 24 घंटे उपलब्ध रहते हैं।
पंडित जी की विशेषज्ञता:
- अंगारक दोष पूजा
- मांगलिक दोष भात पूजा (मंगलनाथ मंदिर)
- कालसर्प दोष शांति पूजा
- गुरु चांडाल दोष पूजा
- नवग्रह शांति पूजा
- महामृत्युंजय जाप अनुष्ठान
सैकड़ों परिवारों ने पंडित जी से पूजा करवाकर अपनी समस्याओं से मुक्ति पाई है। Google Reviews पर इनकी rating 4.9/5 है।
EXCELLENT Based on 30 reviews Posted on Ritik JainTrustindex verifies that the original source of the review is Google. Good experience with astrologer and behavioral also goodPosted on Vishal MalviyaTrustindex verifies that the original source of the review is Google. Everything is going goodPosted on Shivam ParmarTrustindex verifies that the original source of the review is Google. Good
अंगारक दोष पूजा उज्जैन - FAQs
अंगारक दोष क्या है और यह कैसे बनता है?
जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह और राहु एक ही भाव में स्थित होते हैं, तो यह अशुभ योग अंगारक दोष कहलाता है। यह दोष मंगल की अग्नि ऊर्जा और राहु की छाया शक्ति के कारण व्यक्ति के जीवन में मानसिक तनाव, विवाद और बाधाएँ पैदा करता है।
कैसे पता करें कि मुझे अंगारक दोष है या नहीं?
अंगारक दोष का पता जन्म कुंडली देखकर लगाया जा सकता है। इसके अलावा कुछ सामान्य लक्षण हैं:- बार-बार क्रोध आना, रिश्तों में विवाद, बार-बार आर्थिक नुकसान, विवाह में अड़चनें, दुर्घटनाएँ या स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ आदि। किसी अनुभवी पंडित से अपनी कुंडली दिखवाए और दोष के बारे में पता लगाएँ।
उज्जैन में अंगारक दोष पूजा क्यों विशेष मानी जाती है?
उज्जैन को मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना जाता है। यहाँ स्थित मंगलनाथ मंदिर और महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पूजा के प्रभाव को कई गुना बढ़ा देते हैं। वैदिक परंपरा के अनुसार, यहाँ की गई पूजा के परिणाम अन्य स्थानों की तुलना में अधिक सकारात्मक होते हैं।
क्या बिना उज्जैन जाए अंगारक दोष पूजा करायी जा सकती है?
हाँ, कुछ अनुभवी पंडित ऑनलाइन संकल्प के माध्यम से भी पूजा करवाते हैं। लेकिन उज्जैन में मंगलनाथ मंदिर में प्रत्यक्ष पूजा करवाना सबसे प्रभावी माना जाता है।