नवग्रह शांति पूजा उज्जैन

  • क्या है: नौ ग्रहों के दोष और नकारात्मक प्रभावों को शांत करने का वैदिक अनुष्ठान
  • खर्च: ₹2500 से शुरू | समय: 2-3 घंटे | स्थान: क्षिप्रा नदी तट, उज्जैन
  • मुहूर्त: गुरुवार, शनिवार, अमावस्या, नवरात्रि — 2026
  • बुकिंग: पंडित मंगलेश शर्मा जी — 9827265140 | 23+ वर्ष | निःशुल्क परामर्श

यदि आप ग्रहों के दोष से या नवग्रह दोष से प्रभावित हैं, तो आज ही उज्जैन के अनुभवी पंडित जी से संपर्क करें, अपनी कुंडली का विश्लेषण करवाएँ, और उज्जैन में शुभ मुहूर्त में पूजा की बुकिंग करें। यह यात्रा न केवल दोष निवारण है, बल्कि आत्म-जागृति और सकारात्मक बदलाव का अवसर है।

नवग्रह शांति पूजा क्या है?

ज्योतिष शास्त्र में नवग्रह शांति पूजा एक शक्तिशाली वैदिक अनुष्ठान है, जो नौ ग्रहों—सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु की नकारात्मक ऊर्जा को शांत करने और उनके शुभ प्रभाव को बढ़ाने के लिए किया जाता है। ये सभी ग्रह व्यक्ति की कुंडली में विभिन्न भावों और दशाओं के माध्यम से जीवन के हर क्षेत्र जैसे स्वास्थ्य, धन, करियर, वैवाहिक सुख और आध्यात्मिक विकास को प्रभावित करते हैं। जब ये ग्रह अशुभ स्थिति में होते हैं या दोष उत्पन्न करते हैं, तो जीवन में बाधाएँ, तनाव और असफलताएँ आ सकती हैं। नौ ग्रहो का आशीर्वाद पाने के लिए नवग्रह शांति पूजा की जाती है।

Navgrah Shanti Puja Ujjain

नौ ग्रहो का महत्व क्या है?

  •  सूर्य– रविवार / घातु– तांबा। लक्षण-आत्मविश्वास कम, पिता से तनाव, नेत्र रोग नेतृत्व क्षमता, लाभ– सरकारी कार्यों में सफलता, स्वास्थ्य लाभ
  • चंद्र– सोमवार / घातु– चांदी। लक्षण– मानसिक अशांति, नींद न आना, माता से दूरी। लाभ– मन की शांति, भावनात्मक स्थिरता, माता का आशीर्वाद
  • मंगल- मंगलवार / घातु– सोना। लक्षण– क्रोध, दुर्घटनाएं, विवाह में देरी। लाभ– साहस, विवाह सुख, रक्त-सम्बंधी रोग ठीक
  • बुध– बुधवार / घातु– पन्ना। लक्षण– वाणी दोष, व्यापार में हानि, शिक्षा में बाधा। लाभ– बुद्धि-वाणी सुधार, व्यापार में तरक्की
  • गुरु- गुरुवार / घातु– पीला पुखराज। लक्षण– संतान बाधा, गुरु से मतभेद, ज्ञान में कमी विद्या, लाभ– संतान सुख, आध्यात्मिक उन्नति
  • शुक्र- शुक्रवार / घातु– हीरा। लक्षण– वैवाहिक कलह, भोग-विलास में कमी, कला में बाधा। लाभ– प्रेम-वैवाहिक सुख, सौंदर्य, कला में निखार
  • शनि- शनिवार / घातु– नीलम। लक्षण– कर्म में रुकावट, दुःख, 7.5 साल लाभ– शनि दशा न्याय, मेहनत का फल, रोगों से मुक्ति
  • राहु- बुधवार / घातु– गोमेद। लक्षण– भ्रम, काला जादू, अचानक नुकसान भ्रम से मुक्ति। लाभ– अचानक लाभ, राजनीतिक सफलता
  • केतु- मंगलवार / घातु– लहसुनिया। लक्षण– आध्यात्मिक भटकाव, पुराने रोग, रहस्यमय समस्याएं। लाभ– आध्यात्मिक उन्नति, पुराने रोगों से मुक्ति। 

नवग्रह दोष का जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है?

नवग्रह दोष का प्रभाव व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति, दशा-अंतर्दशा और गोचर पर निर्भर करता है। इसके कुछ प्रमुख प्रभाव निम्नलिखित हैं:

  • स्वास्थ्य समस्याएँ: सूर्य, चंद्र, या मंगल के दोष से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है, जैसे रक्तचाप, तनाव या पुरानी बीमारियाँ बढ़ सकती है। 

  • आर्थिक अस्थिरता: शनि, राहु, या केतु के दोष से धन हानि, अप्रत्याशित खर्च या निवेश में असफलता हो सकती है।

  • वैवाहिक और पारिवारिक तनाव: मंगल या शुक्र के दोष से विवाह में देरी, रिश्तों में तनाव या गलतफहमियाँ हो सकती हैं।

  • करियर में रुकावटें: बुध या गुरु के दोष से शिक्षा, नौकरी या व्यवसाय में बाधाएँ आ सकती हैं।

  • आध्यात्मिक भटकाव: राहु और केतु के प्रभाव से व्यक्ति गलत मार्गदर्शन या आध्यात्मिक असंतुलन का शिकार हो सकता है।

  • सकारात्मक पक्ष: ग्रहों के दोष व्यक्ति को आत्म-जागृति, अनुशासन और आध्यात्मिक विकास की ओर प्रेरित करते हैं, यदि सही उपाय किए जाएँ।

उज्जैन में नवग्रह शांति पूजा की विधि क्या है?

नवग्रह शांति दोष पूजा के लिए वैसे तो बहुत सारी विधियाँ है, इनमे सबसे प्रसिद्ध वैदिक मंत्रो से की जाने वाली पूजा है। नवग्रह के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए नौ ग्रहो को उनके मंत्रो द्वारा शांत किया जाता है। 

  1. क्षिप्रा नदी में स्नान: सुबह जल्दी स्नान करें, जो आत्मिक और शारीरिक शुद्धि का प्रतीक है।

  2. संकल्प और गणेश पूजा: सभी बाधाओं को दूर करने के लिए गणेश जी की पूजा।

  3. नवग्रह पूजा: प्रत्येक ग्रह के लिए विशेष मंत्र जाप और हवन। प्रमुख मंत्र:

    • सूर्य: ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः

    • चंद्र: ॐ सों सोमाय नमः

    • मंगल: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः

    • बुध: ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः

    • गुरु: ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः

    • शुक्र: ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः

    • शनि: ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः

    • राहु: ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः

    • केतु: ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः

  4. महामृत्युंजय जाप: स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए। मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्…

  5. विसर्जन: पूजा सामग्री और चाँदी के नवग्रह यंत्र का क्षिप्रा नदी में विसर्जन।

  6. दान और दक्षिणा: प्रत्येक ग्रह के लिए विशिष्ट दान, जैसे सूर्य के लिए तांबा, चंद्र के लिए चावल, मंगल के लिए लाल चंदन, आदि।

उज्जैन में नवग्रह शांति पूजा क्यों करवाएँ?

  • महाकालेश्वर की नगरी: उज्जैन में सभी 9 ग्रहों के प्रमुख मंदिर हैं। यहाँ की भूमि स्वयं ग्रहों की अधिष्ठात्री है — पूजा का फल सर्वाधिक होता है।
  • क्षिप्रा नदी: पूजा के अंत में चाँदी के नवग्रह यंत्र का क्षिप्रा में विसर्जन — यह क्रिया उज्जैन के बाहर संभव नहीं।
  • 23+ वर्षीय विशेषज्ञ: पंडित मंगलेश शर्मा जी हर ग्रह के लिए उसके व्यक्तिगत मंत्र से पूजा करते हैं — generic पूजा नहीं।

नवग्रह शांति मंत्र कौन-सा है?

ऊँ ब्रह्मामुरारि त्रिपुरान्तकारी भानु: शशि भूमि सुतो बुधश्च। 

गुरुश्च शुक्र: शनि राहु केतव: सर्वेग्रहा: शान्ति करा: भवन्तु।।

इस मंत्र के जाप के लिए सुबह जल्दी उठकर नहाए और साफ वस्त्र पहनकर नवग्रहों की पूजा करे। नवग्रह की मूर्ति के आगे आसन लगाकर रुद्राक्ष की माला से  5 बार इस मंत्र का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से शुभ फल जल्दी प्राप्त होता है। 

उज्जैन में नवग्रह शांति पूजा में कितना खर्च कितना आता है?

उज्जैन में नवग्रह शांति पूजा की लागत पूजा के प्रकार, पंडितों की संख्या और अनुष्ठान की जटिलता पर निर्भर करती है। इस पूजा की लागत लगभग ₹2,000-₹5,000 तक हो सकती है। यह पूजा का अनुमानित खर्च है पूजा के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए आज ही उज्जैन के अनुभवी पंडित मंगलेश शर्मा जी से सम्पर्क करें। 

  • सामान्य नवग्रह शांति पूजा :₹ 2,500। 2 घंटे 9 ग्रहों का पूजन + मंत्र जाप + हवन + सामग्री
  • महा नवग्रह शांति पूजा: ₹ 3,100।  3-4 घंटे 9 ग्रह पूजन + रुद्राभिषेक + विशेष हवन + यंत्र पूजन + नवग्रह दान
  • विशेष नवग्रह + कुंडली विश्लेषण: ₹ 5,500। 4-5 घंटे सम्पूर्ण पूजा + पंडित जी द्वारा व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण + उपाय सुझाव। 

नवग्रह शांति पूजा मुहूर्त क्या है? जाने शुभ तिथियां

  • गुरुवार (हर हफ्ते) 2026 के सभी गुरुवार गुरु ग्रह का दिन — नवग्रह पूजा के लिए सर्वोत्तम साप्ताहिक दिन
  • शनिवार 2026 के सभी शनिवार शनि दोष वालों के लिए विशेष — शनि शांति + नवग्रह एक साथ
  • चैत्र नवरात्रि 29 मार्च — 7 अप्रैल 2026 नवरात्रि में 9 देवियों + 9 ग्रहों की एकसाथ पूजा — सर्वश्रेष्ठ
  • अमावस्या 29 जन | 28 फर | 29 मार | 27 अप्र | 26 मई | 25 जून | 24 जुलाई | 22 अगस्त… पितृ दोष + नवग्रह दोष एक साथ शांत
  • शारदीय नवरात्रि 10 — 18 अक्टूबर 2026 शरद नवरात्रि — ग्रहों की शक्ति सर्वाधिक, फल शीघ्र

नवग्रह शांति पूजा के लाभ कौन-कौन से है?

नवग्रह शांति पूजा से व्यक्ति का जीवन बदल जाता हैं इसके कई लाभ है जो की निम्नलिखित है:

  • स्वास्थ्य सुधार: पुरानी बीमारियों, मानसिक तनाव और शारीरिक कमजोरी से मुक्ति मिलती है।

  • आर्थिक स्थिरता: धन हानि, अप्रत्याशित खर्च और निवेश में असफलता से मुक्ति।

  • वैवाहिक और पारिवारिक सुख: रिश्तों में सामंजस्य और तनाव में कमी होती है।

  • करियर में प्रगति: शिक्षा, नौकरी और व्यवसाय में बाधाएँ हटती हैं।

  • आध्यात्मिक जागृति: ग्रहों की शांति से आध्यात्मिक विकास और मानसिक शांति मिलती है।  

उज्जैन मे नवग्रह शांति पूजा के लिए संपर्क करे

पंडित जी के पास वर्षभर नवग्रह शांति पूजा के लिए लोग आते है, और अपनी समस्याओ और बाधाओ से छुटकारा पाते है। अगर आप भी अपनी किसी समस्या के समाधान के लिए पूजा करवाना चाहते है, तो नीचे दी गई बटन पर क्लिक करके पंडित जी से बात कर सकते है।

FAQS Navgrah Shanti Puja Ujjain

नवग्रह दोष क्या होता है?

नवग्रह दोष तब बनता है जब जन्म कुंडली में सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु में से कोई भी ग्रह अशुभ स्थिति में हो या दूसरे ग्रहों से विपरीत दृष्टि में हो। इसका असर व्यक्ति के करियर, स्वास्थ्य, दांपत्य जीवन और आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है।

बार-बार असफलता मिलना, आर्थिक संकट या कर्ज बढ़ना, रिश्तों में समस्याएँ आना, मानसिक तनाव और नकारात्मक ऊर्जा, बार-बार बीमारी होना, अचानक नुकसान या विवाद होना। 

नवग्रह शांति पूजा के लिए उज्जैन, त्र्यंबकेश्वर, काशी, नासिक, हरिद्वार और अन्य ज्योतिर्लिंग स्थलों को अत्यंत शुभ माना जाता है। यहाँ अनुभवी पंडितों द्वारा वैदिक विधि से पूजा कराई जाती है।

जब कुंडली में ग्रहों की दशा या गोचर प्रतिकूल हो, जब लगातार रुकावटें आ रही हों, ग्रहण, अमावस्या, पूर्णिमा, नवमी या विशेष मुहूर्तों में। 

पूजा की लागत इस बात पर निर्भर करती है कि कितने पंडित पूजा में शामिल हैं, कितने मंत्र जाप कराए जा रहे हैं, पूजा कितने दिनों की है। आमतौर पर नवग्रह शांति पूजा की लागत ₹2,000 से ₹5,000 तक हो सकती है।