Mangal Dosh Puja in Ujjain (Mangalnath Mandir)

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उज्जैन मे मंगल दोष पूजा में कितना खर्च आता है? (Mangal Dosh Puja Cost in Ujjain)

उज्जैन मे मंगल दोष पूजा मे कुल खर्च ₹2100 से शुरू होकर ₹5100 तक हो सकता है, इसमे हर प्रकार के खर्च को शामिल किया जाता है। अगर कुंडली मे मंगल दोष के अलावा कोई दोष पाया जाता है तो उसका निवारण भी जरूरी होता है तो ऐसी स्थिति मे खर्च थोड़ा बढ़ भी सकता है। इसलिए सबसे पहले आप पंडित जी से संपर्क करके पूर्ण जानकारी ले तभी अपनी पूजा बुक करे।

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मंगल दोष पूजा उज्जैन मे बुक कराये।

आचार्य जी के साथ उज्जैन मे मंगल दोष पूजा बुक करने के लिए नीचे दिये गए नंबर पर कॉल करे, पंडित जी से पूजा की पूरी जानकारी ले और आपके पूजा कराने का दिन बुक करे वो भी बिना कोई एडवांस पैसे दिये।

मंगल दोष पूजा मुहूर्त 2026 (Best Dates for Mangal Puja)

महीनाविशेष मुहूर्त / तिथिदिनमहत्व
जनवरी13 जनवरीमंगलवारवर्ष का प्रथम मंगलवार विशेष पूजा
फरवरी15 फरवरीरविवारमहाशिवरात्रि (अत्यंत शुभ)
मार्च03 मार्चमंगलवारहोली के पूर्व का मंगल
मार्च31 मार्चमंगलवारभौम प्रदोष मुहूर्त
अप्रैल14 अप्रैलमंगलवारमेष संक्रांति के साथ मंगल पूजा
मई19 मईमंगलवारवैशाख मास का शुभ मंगलवार
जुलाई15 जुलाईमंगलवारश्रावण मास प्रारंभ (मंगल गौरी/भात पूजा)
अगस्त11 अगस्तमंगलवारश्रावण मास का विशेष दिन
अक्टूबर20 अक्टूबरमंगलवारशारदीय नवरात्रि के पश्चात मंगल शांति
दिसंबर08 दिसंबरमंगलवारमार्गशीर्ष विशेष पूजा

पूजा के लिए अन्य महत्वपूर्ण जानकारी

मंगल दोष की पूजा मुख्य रूप से उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में की जाती है, जिसे मंगल ग्रह की जन्मस्थली माना जाता है।

  • साप्ताहिक शुभ दिन: प्रत्येक मंगलवार।

  • दैनिक समय (Timings): सुबह 7:00 AM से दोपहर 3:00 PM के बीच पूजा करना सबसे उत्तम माना जाता है।

  • विशेष योग: जब मंगलवार के दिन ‘प्रदोष व्रत’ (भौम प्रदोष) या ‘चतुर्थी’ (अंगारकी चतुर्थी) हो, तो पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।

  • नक्षत्र: मृगशिरा, चित्रा और धनिष्ठा नक्षत्र मंगल ग्रह के स्वामी नक्षत्र हैं, इनमें पूजा करना लाभकारी होता है।

मंगल दोष, मांगलिक दोष या कुजा दोष क्या है?
(What is Mangal Dosh?)

मंगल ग्रह भी अन्य ग्रहो की तरह 12 भावो मे से किसी एक भाव मे स्थित होता है। इन 12 भावो मे से कुछ भाव ऐसे होते है, जिनके साथ मंगल ग्रह की स्थिति व्यक्ति के जीवन पर दुष्प्रभाव डालती है। यदि किसी की कुंडली मे मंगल ग्रह लग्न भाव, चतुर्थ भाव, सप्तम भाव, अष्टम या द्वादश भाव मे स्थित हो स्थित हो तो, व्यक्ति की जन्मकुंडली मे मंगल दोष या मंगलिक दोष की स्थिति बनती है, और जिस व्यक्ति की कुंडली मे यह योग बनता है उसे मांगलिक कहते है। मंगल दोष को ही कुजा दोष भी कहते है।

यह स्थिति वैवाहिक जीवन के साथ आपके दैनिक जीवन के लिए भी उचित नहीं मानी जाती है इसका प्रभाव आपके व्यापार, उधोग और निजी जीवन पर भी दिखाई देता है। कई बार ज्योतिषी मंगल दोष को तीन लग्न ( सूर्य, चन्द्र और शुक्र) से भी देखते है।

Mangal Dosh Puja Ujjain

मंगल दोष के प्रकार कौन-कौन से है?

ज्योतिष शास्त्र में मंगल दोष को मुख्य रूप से तीन प्रकारों में समझा जाता है।

1. निम्न मंगल दोष (Low Mangal Dosh)

जब मंगल ग्रह अपनी कमजोर या नीच राशि में होता है, तब यह स्थिति बनती है। इससे व्यक्ति को जीवन में संघर्ष अधिक करना पड़ता है।

प्रभाव:

  • करियर में अस्थिरता

  • नौकरी में बार-बार बदलाव

  • आर्थिक परेशानी

2. उच्च मंगल दोष (High Mangal Dosh)

जब मंगल ग्रह अत्यधिक प्रभावशाली स्थिति में होता है, तब उसका प्रभाव व्यक्ति के स्वभाव को उग्र बना सकता है।

प्रभाव:

  • क्रोध और विवाद

  • वैवाहिक जीवन में तनाव

  • पारिवारिक मतभेद

3. आंशिक मंगल दोष (Partial Mangal Dosha)

यह मंगल दोष का हल्का रूप होता है, लेकिन सही समय पर उपाय न किए जाएँ तो यह भी समस्याएँ पैदा कर सकता है।

प्रभाव:

  • विवाह में देरी

  • रिश्तों में अस्थिरता

  • निर्णय लेने में कठिनाई

मंगल दोष के जीवन पर प्रभाव: वैवाहिक, स्वास्थ्य और करियर संबंधी चुनौतियाँ

मंगल दोष का प्रभाव व्यक्ति के जीवन के विभिन्न हिस्सो पर पड़ता है। वैवाहिक जीवन में, यह विवाह में देरी, वैवाहिक तनाव या तलाक, रिश्तों में खटास जैसी समस्याएँ ला सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मांगलिक व्यक्ति का विवाह गैर-मांगलिक से होने पर वैवाहिक जीवन प्रभावित होता है। मंगल दोष के कारण स्वास्थ्य से संबन्धित समस्या, व्यक्ति को रक्त संबंधी समस्याएँ, दुर्घटनाएँ या सर्जरी की संभावना बनी रहती है। करियर में, यह व्यक्ति को साहसी और चुनौतियाँ लेने वाला बनाता है, लेकिन अधिक प्रभावी होने के कारण असफलताएँ भी ला सकता है।

मंगल दोष को दूर करने के उपाय कौन-कौन से है?
How to remove Mangal Dosh from Kundali?

मंगल दोष के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए आप निम्नलिखित उपायो को अपना सकते है :-

  • यदि व्यक्ति की कुंडली मे मंगल दोष हो तो, उसे घर बनवाते समय लाल पत्थर का उपयोग करना चाहिए। 
  • बंदरो को गुड और चना खिलाने से मंगल दोष के दुष्प्रभाव को कम किया जा सकता है। 
  • दो मुट्ठी मसूर लाल कपड़े मे बाँधकर भिखारी को दान देना चाहिए। 
  • जहाँ आप सोते है, उस कमरे मे लाल कपड़े मे सौफ बांधकर रखना चाहिए।

शास्त्रानुसार मंगल दोष का रामबाण उपाय उज्जैन मे मंगल दोष निवारण पूजा बताया गया है जो की इस दोष का सबसे सटीक उपाय है। उज्जैन मे पूरे विधि-विधान के साथ इस पूजा को साम्पन्न कराया जाता है। 

उज्जैन मे मंगल दोष निवारण पूजा कहाँ होती है?
Where to Perform Mangal Puja in Ujjain?

उज्जैन मे मंगल दोष निवारण पूजा के लिए पहले एक मात्र स्थान था जो की आज अंगारेश्वर महादेव के नाम से जाना जाता है यही वह प्राचीन स्थान है जहा पर वर्षो से मंगल दोष शांति, भात पूजा, मांगलिक दोष पूजा का निवारण किया जाता था अब इसके साथ ही एक और नए मंदिर का निर्माण किया गया है जिसको हम मंगलनाथ मंदिर के नाम से जानते है। 

उज्जैन मे अंगारेश्वर महादेव और मंगलनाथ मंदिर दोनों जगह पर मंगल दोष निवारण पूजा की जाती है।

मंगलिक लड़का या लड़की के विवाह के लिए उपाय क्या है?

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष है, तो विवाह से पहले कुछ विशेष उपाय करने की सलाह दी जाती है।

अर्क विवाह पूजा उज्जैन:- पुरुष मांगलिक के लिए — पहले पेड़ (आक/अर्क) से विवाह कराया जाता है। यह मंगल दोष की काट का सबसे प्रभावशाली उपाय है। पंडित मंगलेश शर्मा जी उज्जैन में विधिपूर्वक अर्क विवाह सम्पन्न कराते हैं। → अर्क विवाह पूजा बुक करें। 

कुंभ विवाह पूजा उज्जैन:- मांगलिक लड़की के लिए — पहले घड़े (कुंभ) से विवाह कराया जाता है। इससे मंगल दोष निष्क्रिय हो जाता है। उज्जैन में पंडित जी के साथ कुंभ विवाह — ₹2500 से। → कुंभ विवाह पूजा बुक करें

ओर भी अन्य उपायों में शामिल हैं:

  • मंगल दोष शांति पूजा

  • नवग्रह पूजा

  • मंगलनाथ मंदिर में विशेष अनुष्ठान

  • रुद्राभिषेक

मंगल भात पूजा उज्जैन (Mangal Bhat Puja) — क्या है और क्यों जरूरी है?

मंगल भात पूजा एक विशेष अनुष्ठान है जो मंगल दोष शांति के साथ-साथ वैवाहिक जीवन में स्थिरता और सुख लाने के लिए की जाती है। इसमें शिवलिंग पर चावल (भात) अर्पित किया जाता है। पूरे विश्व में केवल उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में ही मंगल भात पूजा की जाती है — यह पूजा अन्यत्र संभव नहीं।
मंगल भात पूजा खर्च: ₹2500 से शुरू | समय: 2-3 घंटे
बुकिंग: पंडित मंगलेश शर्मा जी — 9827265140

उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर का महत्व क्या है?

  • मंगलनाथ मंदिर उज्जैन का एक अत्यंत प्राचीन और पवित्र मंदिर है, जिसे ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह मंदिर उज्जैन में पवित्र क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित है। मान्यता है कि यही स्थान मंगल ग्रह का जन्मस्थान है, इसलिए इसे मंगल ग्रह का प्रमुख तीर्थ स्थल माना जाता है।
  • मंगल ग्रह का जन्मस्थान: धार्मिक मान्यता के अनुसार मंगल देव का जन्म इसी स्थान पर हुआ था। इसी कारण इस मंदिर का नाम मंगलनाथ पड़ा।
  • मंगल दोष शांति के लिए प्रसिद्ध: भारत में मंगल दोष की शांति के लिए सबसे प्रसिद्ध स्थानों में से एक मंगलनाथ मंदिर है। यहाँ विशेष रूप से निम्न पूजा कराई जाती है: मंगल दोष शांति पूजा, अंगारक दोष शांति, नवग्रह शांति पूजा, कालसर्प दोष शांति, मंगल जाप और हवन
  • प्राचीन खगोल और ज्योतिष का केंद्र: उज्जैन को प्राचीन काल से ही ज्योतिष और खगोल विज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता रहा है। प्राचीन समय में वराहमिहिर जैसे महान खगोलविद भी उज्जैन से जुड़े हुए थे।
  • पवित्र क्षिप्रा नदी का महत्व: मंगलनाथ मंदिर के पास बहने वाली क्षिप्रा नदी को भी अत्यंत पवित्र माना जाता है। पूजा से पहले इस नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है।
  • ज्योतिषीय दोषों से मुक्ति का स्थान: ज्योतिष के अनुसार यदि कुंडली में मंगल अशुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जैसे: विवाह में देरी, दांपत्य जीवन में तनाव, भूमि या संपत्ति विवाद, दुर्घटना की संभावना, क्रोध और मानसिक अशांति

ऐसी स्थिति में मंगलनाथ मंदिर में पूजा करने से मंगल ग्रह के दुष्प्रभाव कम होने की मान्यता है।

अंगारेश्वर महादेव मंदिर — मंगल ग्रह का वास्तविक जन्मस्थान

पुराणों के अनुसार भगवान शिव के पसीने की एक बूंद जब उज्जैन की भूमि पर गिरी, तब उससे मंगल ग्रह का जन्म हुआ। उसी स्थान पर आज “श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर” स्थित है — जहाँ भगवान शिव और मंगल देव दोनों की उपस्थिति है। मंगलनाथ मंदिर का निर्माण बाद में बाढ़ के कारण एक विकल्प के रूप में हुआ।
पंडित मंगलेश शर्मा जी अंगारेश्वर महादेव मंदिर में भी मंगल दोष पूजा सम्पन्न कराते हैं — जहाँ पूजा का फल सर्वाधिक होता है।

ध्यान दे: उज्जैन आने के बाद हो सकता है आपको कुछ लोग बहुत ही कम खर्च और कम समय मे पूजा कराने की बात कहे, धोकाधड़ी और कमीशन वालों से सावधान रहे एसे लोगो से दूर रहे। क्योकि विधिवत पूजा कम खर्च और 2 घंटे से कम समय मे संभव नहीं।

उज्जैन मे मंगल दोष निवारण पूजा बुक कराये!

पंडित जी के पास वर्षभर मंगल दोष पूजा के लिए लोग उज्जैन आते है, और दोष से आ रही जीवन की समस्याओ और बाधाओ से छुटकारा पाते है। अगर आप भी उज्जैन मे मंगल दोष शांति पूजा करवाना चाहते है, तो नीचे दी गई बटन पर क्लिक करके पंडित जी से बात कर सकते है।

मंगल दोष पूजा उज्जैन – FAQs

2026 में मंगल दोष पूजा का सबसे शुभ दिन कौन सा है?

17 फरवरी 2026 — भौमवती अमावस्या (मंगलवार + अमावस्या का दुर्लभ संयोग)। यह 2026 का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है। इसके अलावा हर मंगलवार और श्रावण माह भी अत्यंत शुभ है।

उज्जैन में दो प्रमुख स्थान हैं — (1) मंगलनाथ मंदिर और (2) अंगारेश्वर महादेव मंदिर। अंगारेश्वर को मंगल का वास्तविक जन्मस्थान माना जाता है।

हाँ, लेकिन उससे पहले मंगल दोष पूजा + कुंभ विवाह (स्त्री के लिए) या अर्क विवाह (पुरुष के लिए) करवाना आवश्यक है। पंडित मंगलेश शर्मा जी दोनों पूजाएं कराते हैं।

हाँ। पंडित मंगलेश शर्मा जी आपके नाम-गोत्र से संकल्प लेकर मंगलनाथ मंदिर में विधिपूर्वक पूजा कराते हैं। पूजा की तस्वीरें और video भेजी जाती हैं। Call: 9827265140

कुछ नहीं लाना। सम्पूर्ण सामग्री — लाल वस्त्र, लाल चंदन, तिल, गुड़, मसूर दाल, मूंगा — पंडित जी स्वयं लाते हैं। आप बस साफ कपड़ों में आएं।