सूर्य केतु ग्रहण दोष शांति पूजा उज्जैन: जाने प्रभाव और उपाय
वैदिक ज्योतिष में सूर्य–केतु ग्रहण दोष को एक सूक्ष्म लेकिन गहराई तक असर करने वाला दोष माना गया है। यह दोष व्यक्ति के बाहरी जीवन से अधिक आंतरिक शक्ति, आत्मबल और पहचान को प्रभावित करता है। जब यह दोष कुंडली में सक्रिय होता है, तब व्यक्ति स्वयं को कमजोर, भ्रमित और जीवन की दिशा से भटका हुआ महसूस कर सकता है।
इस दोष की शांति के लिए उज्जैन, जो भगवान महाकालेश्वर की दिव्य नगरी है, सबसे प्रभावशाली स्थान माना जाता है। उज्जैन के अनुभवी पंडित मंगलेश शर्मा जी पूजा अनुष्ठान में विशेष योग्यता रखते है, उज्जैन में सूर्य केतु ग्रहण दोष पूजा सम्पन्न कराने के लिए पंडित जी से नीचे दिये गए नंबर पर संपर्क करें।
Contents
- 1 सूर्य केतु ग्रहण दोष कैसे बनता है?
- 2 सूर्य केतु ग्रहण दोष के प्रमुख प्रभाव कौन-कौन से है?
- 3 सूर्य केतु ग्रहण दोष के प्रभावी उपाय कौन-कौन से है?
- 4 उज्जैन में सूर्य केतु ग्रहण दोष शांति पूजा- रामबाण उपाय
- 5 सूर्य केतु ग्रहण दोष शांति के लिए उज्जैन क्यों श्रेष्ठ है?
- 6 सूर्य केतु ग्रहण दोष शांति पूजा विधि क्या है?
- 7 सूर्य केतु ग्रहण दोष शांति पूजा का शुभ समय कौन-सा है?
- 8 किन लोगों को यह पूजा करानी चाहिए?
- 9 उज्जैन में सूर्य केतु ग्रहण दोष पूजा की बुकिंग कैसे करें?
सूर्य केतु ग्रहण दोष कैसे बनता है?
जब जन्म कुंडली में सूर्य और केतु एक ही भाव में या बहुत निकट स्थित होते हैं, तब सूर्य केतु ग्रहण दोष का निर्माण होता है। सूर्य जहां आत्मा, तेज, सम्मान, नेतृत्व और पिता का कारक है, वहीं केतु त्याग, वैराग्य, पूर्व जन्म के कर्म और मानसिक अलगाव का प्रतीक है।
केतु की छाया सूर्य की ऊर्जा को ढक देती है, जिससे व्यक्ति के जीवन में प्रकाश होते हुए भी भीतर अंधकार महसूस होता है।
सूर्य केतु ग्रहण दोष के प्रमुख प्रभाव कौन-कौन से है?
इस दोष के प्रभाव अक्सर धीरे-धीरे सामने आते हैं और लंबे समय तक बने रह सकते हैं:
- आत्मविश्वास और आत्मसम्मान में कमी
- स्वयं की पहचान और लक्ष्य को लेकर भ्रम
- पिता से दूरी, मतभेद या पिता का स्वास्थ्य कमजोर
- कार्यक्षेत्र में मेहनत के बावजूद पहचान न मिलना
- सरकारी नौकरी या प्रशासनिक कार्यों में बाधा
- बार-बार दिशा बदलना, करियर में अस्थिरता
- अकेलापन, मानसिक थकावट और नकारात्मक सोच
- आध्यात्मिक झुकाव के साथ जीवन से विरक्ति
यह दोष व्यक्ति को भीतर से तोड़ सकता है, यदि समय रहते उपाय न किए जाएँ।
सूर्य केतु ग्रहण दोष के प्रभावी उपाय कौन-कौन से है?
पूजा के साथ-साथ निम्न उपाय दोष के प्रभाव को कम करने में सहायक माने जाते हैं:
- नियमित रूप से सूर्य को जल अर्पण करना
- प्रतिदिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ
- केतु से संबंधित मंत्रों का जप
- रविवार को गाय को गुड़ और चारा खिलाना
- पिता और गुरु का सम्मान करना
- नकारात्मक संगति से दूरी बनाना।
उज्जैन में सूर्य केतु ग्रहण दोष शांति पूजा- रामबाण उपाय
उज्जैन में सूर्य केतु ग्रहण दोष शांति पूजा आत्मबल, पहचान और जीवन की स्थिरता को पुनः स्थापित करने का एक प्रभावशाली वैदिक उपाय है। भगवान महाकाल की पावन भूमि पर की गई यह पूजा सूर्य की ऊर्जा को पुनर्जीवित कर केतु के नकारात्मक प्रभाव को शांत करती है। श्रद्धा, सही विधि और विश्वास के साथ की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में स्पष्टता, शांति और संतुलन लाती है।
सूर्य केतु ग्रहण दोष शांति के लिए उज्जैन क्यों श्रेष्ठ है?
उज्जैन को काल और कर्म की भूमि कहा जाता है। यहाँ विराजमान भगवान महाकाल केवल समय ही नहीं, बल्कि गहरे कर्मिक दोषों को भी नियंत्रित करते हैं।
उज्जैन में पूजा कराने का विशेष महत्व:
- महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग सूर्य तत्व को शक्ति प्रदान करता है
- केतु से उत्पन्न भ्रम और वैराग्य को संतुलन मिलता है
- क्षिप्रा नदी में स्नान से पितृ और ग्रह दोषों का शमन
- उज्जैन प्राचीन काल से ग्रहण दोष शांति का प्रमुख केंद्र रहा है
- यहाँ की पूजा का असर मानसिक, आत्मिक और कर्मिक स्तर पर होता है
सूर्य केतु ग्रहण दोष शांति पूजा विधि क्या है?
यह पूजा अनुभवी वैदिक पंडितों द्वारा शास्त्रानुसार कराई जाती है और लगभग 2–3 घंटे में पूर्ण होती है।
सूर्य केतु ग्रहण दोष पूजा की मुख्य प्रक्रिया:
- संकल्प (नाम, गोत्र व उद्देश्य सहित)
- गणेश पूजन
- कलश स्थापना
- नवग्रह शांति विधान
- सूर्य मंत्र जाप
- केतु मंत्र जाप
- शिवलिंग अभिषेक
- हवन एवं पूर्णाहुति
- आरती और प्रसाद
सूर्य केतु ग्रहण दोष शांति पूजा का शुभ समय कौन-सा है?
यह पूजा कभी भी कराई जा सकती है, लेकिन विशेष फल निम्न समय में मिलता है:
- अमावस्या
- रविवार
- सूर्य ग्रहण के आसपास का समय
- श्रावण मास
- योग्य ज्योतिषी द्वारा बताया गया शुभ मुहूर्त
किन लोगों को यह पूजा करानी चाहिए?
- जिनकी कुंडली में सूर्य–केतु युति हो
- जो लोग आत्मविश्वास की कमी से जूझ रहे हों
- जिनका करियर अस्थिर हो
- पिता से संबंधित समस्याएँ हों
- जो मानसिक भ्रम और जीवन की दिशा को लेकर परेशान हों
उज्जैन में सूर्य केतु ग्रहण दोष पूजा की बुकिंग कैसे करें?
उज्जैन में सूर्य केतु ग्रहण दोष शांति पूजा सम्पन्न कराने से परेशानियाँ दूर होती है और जीवन में शांति बनी रहती है। यदि आप भी यह पूजा उज्जैन में कराना चाहते है तो वहाँ के अनुभवी पंडित मंगलेश शर्मा जी से संपर्क करें और पूजा की पूरी जानकारी प्राप्त करें। पंडित जी को पूजा-अनुष्ठान में कई वर्षो का अनुभव प्राप्त है, अभी कॉल करें और पूजा बुक करें।