मंगल दोष पूजा विधि: उज्जैन मे कैसे होती है मंगल शांति पूजा
मंगल ग्रह को ज्योतिष में ऊर्जा, साहस, भूमि, विवाह और दांपत्य सुख का कारक माना गया है। लेकिन जब यह जन्म कुंडली में अशुभ स्थान पर बैठता है, तो मंगल दोष बनता है। इसके कारण विवाह में देरी, दांपत्य जीवन में कलह, आर्थिक समस्याएं और मानसिक तनाव जैसी परेशानियां आती हैं।
मंगल दोष पूजा एक ऐसा उपाय है, जो मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव को कम करके जीवन में सुख-समृद्धि लाने में मदद करता है।
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मंगल दोष पूजा क्यों की जाती है?
जब कुंडली में मंगल ग्रह दोषग्रस्त होता है, तो यह वैवाहिक जीवन और करियर दोनों पर असर डालता है। विवाह में रुकावटें, पति-पत्नी के बीच तनाव, आर्थिक हानि और पारिवारिक समस्याएं बढ़ सकती हैं।
मंगल दोष पूजा करने से मंगल ग्रह को शांत किया जाता है। इससे विवाह में आ रही अड़चनें दूर होती हैं, दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है, और आर्थिक स्थिरता भी मिलती है।
मंगल दोष पूजा का सही समय
मंगल दोष पूजा हमेशा सही समय और शुभ मुहूर्त में ही करनी चाहिए। आमतौर पर यह पूजा मंगलवार के दिन की जाती है, लेकिन पंडित जी जन्म कुंडली देखकर सर्वश्रेष्ठ समय बताते हैं।
- शुभ महीनों में चैत्र, भाद्रपद और वैशाख विशेष माने जाते हैं।
- मंगल होरा में पूजा करना अत्यंत फलदायी होता है।
- मंगल ग्रह की महादशा या अंतर्दशा के दौरान यह पूजा करवाना सबसे लाभकारी माना जाता है।
मंगल दोष पूजा विधि – चरण दर चरण
मंगल दोष पूजा एक विस्तृत और विधिपूर्वक किया जाने वाला अनुष्ठान है। इसे हमेशा अनुभवी पंडित के मार्गदर्शन में करना चाहिए।
1. संकल्प और शुद्धिकरण
पूजा से पहले स्नान करके शुद्ध वस्त्र पहनें। फिर पंडित जी की सहायता से संकल्प लेकर पूजा की शुरुआत करें।
2. गणेश पूजन
किसी भी पूजा की शुरुआत गणपति वंदना से की जाती है। यह चरण पूजा के दौरान आने वाली बाधाओं को दूर करता है।
3. मंगल ग्रह का आह्वान
तांबे के कलश में जल, सुपारी, लाल फूल और लाल चंदन रखकर मंगल ग्रह का आह्वान किया जाता है।
4. मंगल मंत्र का जाप
मंगल दोष पूजा में मंगल बीज मंत्र का जाप सबसे महत्वपूर्ण है:
मंत्र:
“ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः”
मंत्र का 11,000 बार जाप सर्वोत्तम माना जाता है।
5. हवन और आहुति
जाप के बाद हवन किया जाता है। इसमें घी, गूल, और हवन सामग्री का प्रयोग करके मंगल ग्रह को शांत किया जाता है।
6. मंगल यंत्र की स्थापना
पूजा पूर्ण होने के बाद मंगल यंत्र की स्थापना की जाती है। इसे घर में रखने से मंगल ग्रह का दोष कम होता है।
मंगल दोष पूजा के लाभ
मंगल दोष पूजा का प्रभाव तुरंत दिखाई देने लगता है।
- विवाह में हो रही देरी दूर होती है
- पति-पत्नी के बीच प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है
- आर्थिक स्थिरता प्राप्त होती है
- मानसिक तनाव कम होता है
- जीवन में सुख और शांति आती है
उज्जैन में मंगल दोष पूजा क्यों करवाएं?
उज्जैन ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र स्थान माना जाता है। यही वह एकमात्र स्थान है जहां शास्त्रों में वर्णित विधि से मंगल दोष पूजा की जाती है। यहां भगवान महाकाल की कृपा और विशेष ज्योतिषीय ऊर्जा के कारण इस पूजा का प्रभाव अन्य किसी भी स्थान की तुलना में कई गुना अधिक होता है।
इसलिए, यदि आप मंगल दोष से मुक्ति पाना चाहते हैं, तो उज्जैन में पूजा करवाना सबसे उत्तम और प्रभावी माना जाता है।
निष्कर्ष
यदि आपकी कुंडली में मंगल दोष है और आप विवाह, दांपत्य जीवन या आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो मंगल दोष पूजा एक प्रभावी उपाय है। इसे सही विधि और सही समय पर करने से जीवन में सुख-समृद्धि और स्थिरता आती है।
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