मांगलिक लड़के की शादी के उपाय

मांगलिक लड़के की शादी के उपाय कौन-कौन से है?

विवाह में आ रही बाधाओं से मुक्ति का प्राचीन वैदिक समाधान

मंगल दोष को विवाह से जुड़ी समस्याओं का एक प्रमुख कारण माना गया है। जब कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति अशुभ होती है, तब लड़के के विवाह में देरी, रिश्तों में टूटन या वैवाहिक जीवन में तनाव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में अर्क विवाह पूजा एक अत्यंत प्रभावशाली उपाय माना गया है, जिसे उज्जैन की पावन भूमि पर कराया जाता है।

उज्जैन में अर्क विवाह पूजा मांगलिक लड़के की शादी के लिए एक अत्यंत प्रभावी और सुरक्षित वैदिक उपाय है। यह पूजा मंगल दोष की उग्र ऊर्जा को शांत कर विवाह के मार्ग को सरल बनाती है। भगवान महाकाल की पावन नगरी में की गई यह पूजा जीवन में शीघ्र विवाह, सुखद दांपत्य और मानसिक शांति प्रदान करती है।

मांगलिक दोष क्या होता है?

जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह 1st, 2nd, 4th, 7th, 8th या 12th भाव में स्थित होता है, तब मंगल दोष (मांगलिक दोष) बनता है। मंगल अग्नि, ऊर्जा और उग्रता का प्रतीक है। इसकी अधिकता विवाह में असंतुलन पैदा कर सकती है। मांगलिक लड़के के जीवन में आमतौर पर निम्न समस्याएं देखी जाती हैं:

  • विवाह में अत्यधिक देरी
  • अच्छे रिश्ते आते-आते टूट जाना
  • विवाह से पहले बार-बार रुकावटें
  • गुस्सा, चिड़चिड़ापन और अधैर्य
  • वैवाहिक जीवन में कलह की संभावना

मांगलिक लड़के की शादी के प्रभावी और सरल उपाय कौन-कौन से है?

उज्जैन में अनुभवी पंडित मंगलेश शर्मा जी द्वारा मांगलिक लड़के की शादी का सटीक और रामबान उपाय है अर्क विवाह पूजा। इस दोष को कम करने के ओर भी उपाय है जिनसे दोष धीरे-धीरे कम होता है।

अर्क विवाह पूजा: दोष निवारण का सरल उपाय

अर्क विवाह पूजा उज्जैन मे कैसे कराए 5

अर्क विवाह एक प्रतीकात्मक विवाह होता है, जिसमें मांगलिक लड़के का विवाह अर्क (मदार) के पौधे से कराया जाता है। शास्त्रों के अनुसार अर्क का पौधा भगवान विष्णु और सूर्य तत्व का प्रतीक माना जाता है, जो मंगल दोष की उग्र ऊर्जा को शांत करता है।

इस पूजा के माध्यम से मंगल दोष का प्रभाव प्रतीकात्मक रूप से समाप्त हो जाता है, जिससे वास्तविक विवाह में आने वाली बाधाएं कम हो जाती हैं। उज्जैन के अनुभवी पंडित मंगलेश शर्मा जी यह पूजा पूरी विधि के साथ सफल रूप से सम्पन्न कराते है।

अर्क विवाह पूजा के लिए उज्जैन क्यों सर्वोत्तम है?

उज्जैन को महाकाल की नगरी कहा जाता है, जहाँ काल, कर्म और ग्रहों पर भगवान शिव का नियंत्रण माना जाता है। मंगल ग्रह स्वयं भगवान शिव से जुड़ा हुआ है, इसलिए उज्जैन में की गई मंगल दोष शांति पूजा और अर्क विवाह पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।

उज्जैन में अर्क विवाह पूजा कराने के लाभ क्या है?

  • महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की दिव्य ऊर्जा
  • प्राचीन वैदिक परंपराओं के अनुसार पूजा विधि
  • अनुभवी और सिद्ध पंडितों द्वारा पूजा
  • क्षिप्रा नदी के पावन तट पर कर्मिक शुद्धि
  • विवाह से जुड़े ग्रह दोषों में शीघ्र राहत

अर्क विवाह पूजा की विधि क्या है?

अर्क विवाह पूजा पूर्णतः वैदिक विधि से कराई जाती है और लगभग 2 से 3 घंटे में संपन्न होती है।

पूजा की मुख्य प्रक्रिया:

  1. संकल्प – नाम, गोत्र और विवाह बाधा के उद्देश्य के साथ
  2. गणेश पूजन – विघ्नों की शांति हेतु
  3. कलश स्थापना – शुभ ऊर्जा का आह्वान
  4. मंगल ग्रह शांति मंत्र जाप
  5. अर्क पौधे के साथ प्रतीकात्मक विवाह संस्कार
  6. शिवलिंग अभिषेक – भगवान शिव का आशीर्वाद
  7. हवन (यज्ञ) – मंगल दोष की उग्रता को शांत करने हेतु
  8. पूर्णाहुति, आरती और प्रसाद

मांगलिक लड़के के लिए अर्क विवाह पूजा के लाभ क्या है?

श्रद्धा और विधिपूर्वक की गई अर्क विवाह पूजा से निम्न लाभ प्राप्त होते हैं:

  • मंगल दोष के प्रभाव में कमी
  • विवाह में आ रही रुकावटों से मुक्ति
  • अच्छे रिश्तों के योग बनना
  • वैवाहिक जीवन में शांति और संतुलन
  • गुस्सा और तनाव में कमी
  • विवाह के बाद सुखद दांपत्य जीवन

अर्क विवाह पूजा का शुभ समय कौन-सा है?

यह पूजा पूरे वर्ष कराई जा सकती है, लेकिन विशेष फल निम्न समय में मिलता है:

  • मंगलवार
  • अमावस्या
  • श्रावण मास
  • विवाह योग बनने से पहले
  • योग्य ज्योतिषी द्वारा बताए गए शुभ मुहूर्त

किन मांगलिक लड़कों को अर्क विवाह पूजा करानी चाहिए?

  • जिनकी कुंडली में मंगल दोष स्पष्ट हो
  • जिनकी शादी में बार-बार देरी हो रही हो
  • जिनके रिश्ते बार-बार टूट जाते हों
  • जो विवाह को लेकर मानसिक तनाव में हों
  • जिनके परिवार में विवाह बाधा बनी हुई हो

मांगलिक लड़के की शादी के अन्य उपाय क्या है?

मांगलिक लड़के की शादी में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए शास्त्रों में कई प्रभावशाली उपाय बताए गए हैं। प्रमुख उपाय इस प्रकार हैं:

  1. मंगल दोष शांति पूजा – कुंडली में मंगल दोष के प्रभाव को शांत करने के लिए विधिवत पूजा कराई जाती है।
  2. कुंभ विवाह या अर्क विवाह – मंगल दोष निवारण के लिए प्रतीकात्मक विवाह कराया जाता है।
  3. मांगलिक से विवाह – मांगलिक लड़के का विवाह मांगलिक लड़की से करने पर दोष का प्रभाव समाप्त माना जाता है।
  4. हनुमान जी की पूजा – मंगलवार को हनुमान चालीसा पाठ और व्रत से मंगल दोष कम होता है।
  5. नवग्रह शांति और रुद्राभिषेक – ग्रहों की शांति के लिए विशेष पूजा कराई जाती है।
  6. मंत्र जाप और दान – मंगल बीज मंत्र का जाप और लाल वस्तुओं का दान लाभकारी माना जाता है।

उज्जैन में अर्क विवाह पूजा की बुकिंग कैसे करें?

यदि आप भी विवाह संबन्धित समस्याओ से परेशान है और इस दोष का निवारण कराना चाहते है तो हमारे अनुभवी और विद्वान पंडितजी वैदिक विधि से आपकी कुंडली देखकर उचित उपाय करवाते हैं।

उज्जैन में पूरी विधि-विधान से पूजा कराई जाती है ताकि मंगल ग्रह का प्रभाव शांत होकर विवाह योग सशक्त बने। आज ही नीचे दिये नंबर पर कॉल करें और अपनी पूजा बुक करें।

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