कालसर्प पूजा मुहूर्त और तिथि जून 2026: शुभ तारीखें, उपाय
क्या आपकी कुंडली में भी कालसर्प दोष बन रहा है और जीवन में बार-बार रुकावट, मानसिक तनाव, करियर समस्या या विवाह में देरी हो रही है, तो कालसर्प दोष शांति पूजा कराना इस दोष का एक उत्तम उपाय हो सकता है। इस पूजा के लिए जून 2026 बहुत अच्छा महीना है क्योंकि इसमें कई शुभ तिथियां और मुहूर्त हैं।
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Contents
- 1 कालसर्प दोष क्या है और जून 2026 में पूजा क्यों जरूरी?
- 2 जून 2026 में कालसर्प दोष पूजा के शुभ मुहूर्त क्या है? जून में कब की जाती है यह पूजा?
- 3 कालसर्प दोष पूजा के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?
- 4 जून 2026 में कालसर्प दोष निवारण के उपाय कौन-से है?
- 5 कालसर्प दोष पूजा कहाँ कराएं?
- 6 कालसर्प दोष पूजा की विधि क्या है?
- 7 कालसर्प दोष पूजा के लाभ कौन-कौन से है?
- 8 उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा का खर्च कितना होता है?
- 9 उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा की बुकिंग के लिए संपर्क कैसे करें?
कालसर्प दोष क्या है और जून 2026 में पूजा क्यों जरूरी?
शास्त्रो के अनुसार कालसर्प योग तब बनता है जब कुंडली में सभी सात ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं। यह पिछले जन्म के कर्मों का फल माना जाता है, जो जीवन में बार-बार रुकावटें, डर, सपनों में सांप दिखना और अचानक नुकसान उत्पन्न करता है।
जून 2026 में पूजा करने से राहु-केतु की ऊर्जा शांत होती है और ग्रहों की सकारात्मक शक्ति बढ़ती है। जून में पंचमी (12 जून 2026) विशेष रूप से शक्तिशाली है क्योंकि इस दिन सर्प देवताओं की पूजा से कालसर्प दोष का प्रभाव तेजी से कम होता है।
जून 2026 में कालसर्प दोष पूजा के शुभ मुहूर्त क्या है? जून में कब की जाती है यह पूजा?
जून महीने में कालसर्प दोष पूजा के लिए कुछ विशेष तिथियाँ और दिन अत्यंत शुभ माने जाते हैं:
अमावस्या (Amavasya) – सबसे महत्वपूर्ण दिन
- 15 जून 2026 (सोमवार)
अमावस्या के दिन राहु-केतु शांति के लिए पूजा अत्यधिक प्रभावी मानी जाती है। इस पूजा कराने से दोष का प्रभाव जल्दी समाप्त हो जाता है।
सोमवार (भगवान शिव का दिन)
- 1 जून 2026
- 8 जून 2026
- 15 जून 2026
- 22 जून 2026
- 29 जून 2026
सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते है और कालसर्प दोष के नकारात्मक प्रभाव शांत हो जाते हैं।
नाग पंचमी से संबंधित प्रभावी तिथि (यदि पड़ती हो)
हालांकि जून में नाग पंचमी नहीं आती, लेकिन नाग पूजा और शिव पूजा इस दोष में महत्वपूर्ण होती है।
विशेष नक्षत्र (Nakshatra Based Muhurat)
जून 2026 में निम्न नक्षत्रों में पूजा करना लाभकारी हो सकता है:
- अश्लेषा नक्षत्र
- मूल नक्षत्र
- श्रवण नक्षत्र
ये नक्षत्र राहु-केतु से संबंधित माने जाते हैं, इसलिए इन दिनों में पूजा अधिक प्रभावी होती है।
कालसर्प दोष पूजा के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?
- सुबह ब्रह्म मुहूर्त (4:30 AM – 6:00 AM)
- प्रातः काल (6:00 AM – 9:00 AM)
- या पंडित द्वारा बताए गए विशेष मुहूर्त
कालसर्प पूजा राहु काल और अशुभ समय में पूजा करने से बचें।
जून 2026 में कालसर्प दोष निवारण के उपाय कौन-से है?
जो लोग जून में मंदिर नहीं जा सकते, वे ये सरल लेकिन प्रभावी उपाय कर सकते हैं:
- रोज ॐ नमः शिवाय और महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें।
- 12 जून नाग पंचमी को दूध, जागरी और चांदी का नाग जोड़ा शिवलिंग पर चढ़ाएं।
- पीपल के पेड़ को शनिवार को जल चढ़ाएं और 11 नारियल बहते जल में प्रवाहित करें।
- काले तिल, सरसों का तेल और लोहे की वस्तुएं शनिवार को दान करें।
- हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें।
कालसर्प दोष पूजा कहाँ कराएं?
भारत में कालसर्प दोष पूजा के लिए सबसे प्रसिद्ध स्थानों में से एक है:
- उज्जैन
- महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग
यहाँ भगवान शिव की विशेष कृपा मानी जाती है और राहु-केतु दोष शांति के लिए यह स्थान अत्यंत प्रभावी है। यदि आप भी कालसर्प पूजा के लिए स्थान की तलाश में है तो उज्जैन सबसे उत्तम है। नीचे दिये गए नंबर पर संपर्क करें और पूजा के लिए पंडित जी से जानकारी प्राप्त करें।
कालसर्प दोष पूजा की विधि क्या है?
उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा पूरे नियम और विधि के साथ कराई जाती है। इसकी प्रक्रिया पर इस प्रकार होती है:
- सबसे पहले संकल्प (नाम, गोत्र, जन्म विवरण) पंडित जी द्वारा दिलाया जाता है।
- गणेश पूजन करके पूजा प्रारम्भ की जाती है।
- नवग्रह शांति पूजा सम्पन्न कराई जाती है।
- राहु-केतु मंत्र जाप किए जाते है।
- नाग देवता पूजन कराया जाता है।
- रुद्राभिषेक पूरी विधि के साथ कराया जाता है।
- हवन पूरे मंत्रो के साथ सम्पन्न कराया जाता है।
- पूर्णाहुति अंत में की जाती है।
कालसर्प दोष पूजा के लाभ कौन-कौन से है?
- जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं
- करियर में स्थिरता आती है
- विवाह में देरी समाप्त होती है
- मानसिक शांति मिलती है
- अचानक होने वाली समस्याएँ कम होती हैं।
उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा का खर्च कितना होता है?
| पूजा प्रकार | अनुमानित खर्च |
|---|---|
| सामान्य पूजा | ₹2,000 – ₹3,000 |
| हवन सहित पूजा | ₹3,000 – ₹4,000 |
| विस्तृत अनुष्ठान | ₹5,000+ |
उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा का खर्च पूजा विधि और दोष के प्रकार व जटिलता पर निर्भर करता है। ऊपर दिया गया खर्च अनुमानित है, पूजा का सटीक खर्च जानने के लिए पंडित मंगलेश शर्मा जी से संपर्क करें।
उज्जैन में कालसर्प दोष पूजा की बुकिंग के लिए संपर्क कैसे करें?
जून 2026 में कालसर्प दोष की शांति के लिए कई शुभ तिथियाँ और मुहूर्त उपलब्ध हैं, विशेषकर अमावस्या और सोमवार। यदि सही विधि और सही स्थान जैसे उज्जैन में पूजा कराई जाए, तो इसके सकारात्मक परिणाम जल्दी देखने को मिल सकते हैं।