2027 मे कालसर्प दोष निवारण पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
कालसर्प दोष पूजा विशेषकर कालसर्प दोष निवारण के लिए की जाती है। जिसके लिए वर्ष 2027 में शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं :- नाग पंचमी का पर्व वर्ष 2027 में, शुक्रवार, 6 अगस्त को मनाया जाएगा और इस दिन काल सर्प दोष पूजा कराना बहुत ही लाभकारी माना जाता है। सावन का माह भी काल सर्प दोष पूजा कराने के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है, यह वर्ष 2027 में 19 जुलाई से 17 अगस्त तक रहेगा। महाशिवरात्रि के दिन भी कालसर्प दोष पूजा कराना लाभदायक होता है जो कि 6 मार्च 2027 को मनाई जाएगी।
कालसर्प दोष निवारण पूजा मुहूर्त 2027
मुहूर्त के साथ-साथ कालसर्प दोष पूजा की तिथियां भी देख लें — अमावस्या, नाग पंचमी और सावन की विशेष तिथियों की पूरी सूची यहां मिलेगी।
वर्ष 2027 में कालसर्प दोष पूजा के लिए शुभ मुहूर्त ज्योतिषीय गणना और तिथियों पर निर्भर है। कालसर्प दोष के निवारण के लिए कालसर्प योग पूजा की जाती है, जिसे शुभ मुहूर्त में करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। उज्जैन में कालसर्प योग
पूजा के लिए वर्ष 2027 के प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
- महाशिवरात्रि: 6 मार्च 2027 (शनिवार) — कालसर्प दोष पूजा हेतु अत्यंत शुभ
- सावन मास: 19 जुलाई – 17 अगस्त 2027 (सावन सोमवार: 19/26 जुलाई, 2/9/16 अगस्त)
- नाग पंचमी: 6 अगस्त 2027 (शुक्रवार)
- प्रत्येक माह: अमावस्या, पूर्णिमा एवं पंचमी तिथि शुभ मानी जाती है
- धनतेरस: 27 अक्टूबर 2027 (बुधवार)
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अगर आपकी कुंडली मे भी कालसर्प दोष है तो आपको कालसर्प दोष निवारण पूजा तुरंत ही करवानी चाहिए, लेकिन नीचे दिये गए शुभ मुहूर्त पर कालसर्प दोष पूजा करवाने से इस दोष से मुक्ति तो मिलेगी लेकिन साथ ही साथ कई लाभ भी मिल सकते है।
- मास शिवरात्री – हिन्दी कलेंडर के अनुसार प्रत्येक माह के कृष्णपक्ष की त्रयोदशी को मास शिवरात्रि मनाई जाती है, और अगर आप कालसर्प दोष पूजा करवाना चाहते है तो ये दिन भी बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन भगवान शिव को समर्पित होता है तो इस दिन पूजा कराने से तुरंत ही फल प्राप्त हो सकता है।
- अमावस्या – ज्योतिषियो के अनुसार माना जाए तो, अमावस्या को कालसर्प दोष पूजा करवाना सबसे उत्तम माना गया है, अमावस्या मे भी माघ अमावस्या, वैशाख अमावस्या, श्रावण अमावस्या और आश्विन अमावस्या का विशेष महत्व होता है, इसके अलावा अगर कभी बीच मे सोमवती या शनैश्चरी अमावस्या आ जाए तो और भी शुभ माना जाता है।
- नागपंचमी – श्रावण मास मे आने वाली नागपंचमी को भी कालसर्प दोष निवारण पूजा करवाने के लिए बहुत ही उत्तम तिथि माना गया है, नागपंचमी के दिन पूरे विधि विधान से पूजा कराने से काल सर्प दोष से मुक्ति मिल सकती है।
- पितृ पक्ष – जातक पितृ पक्ष मे किसी भी समय कालसर्प दोष शांति पूजा करवा सकता है, क्योंकि आश्विन कृष्ण पक्ष प्रथमा से अमावस्या तक के 15 दिनों में कालसर्प दोष और पितृ दोष की शांति के लिए खास
अगर आप इनमे से किसी भी शुभ मुहूर्त मे कालसर्प दोष पूजा करवाना चाहते है तो आपकी जानकारी के लिए हम आपको बताना चाहते है की कालसर्प दोष की पूजा के लिए कई सारे प्रशिद्ध स्थान है लेकिन इन सब स्थानो मे उज्जैन को थोड़ा उच्च स्थान का दर्जा दिया जाता है और यहाँ पर पूजा करवाकर आप इस दोष से जल्द ही छुटकारा पा सकते है।
अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए नीचे दिये गए नंबर पर कॉल करे और पंडित मंगलेश शर्मा जी से संपर्क करे :-