कालसर्प दोष निवारण पूजा मुहूर्त

कालसर्प दोष निवारण पूजा मुहूर्त

कालसर्प दोष निवारण पूजा मुहूर्त 2027,क्या आप भी कालसर्प दोष निवारण पूजा करवाने के लिए शुभ मुहूर्त ढूंढ रहे तो इस लेख मे हम आपको कालसर्प दोष की पूजा के लिए पूरे वर्ष (2027) के विशेष और खास मुहूर्त की तिथियाँ बताने वाले है, जिससे की आप अपने समय के अनुसार कालसर्प दोष पूजा सम्पन्न करवा सकते है।

कालसर्प दोष पूजा के लिए महत्वपूर्ण तिथियाँ

कालसर्प दोष निवारण पूजा मुहूर्त 2027

अगर आप 2027 मे कालसर्प दोष पूजा कराने के लिए किसी शुभ दिन की खोज कर रहे है, तो आप नीचे दी गई तिथियों के अनुसार पूजा करवा सकते है, पूजा कराने से पूर्व एक बार ज्योतिषी से परामर्श अवश्य ले।

  • महाशिवरात्रि: 6 मार्च 2027 (शनिवार) — कालसर्प दोष पूजा हेतु अत्यंत शुभ
  • सावन मास: 19 जुलाई – 17 अगस्त 2027 (सावन सोमवार: 19/26 जुलाई, 2/9/16 अगस्त)
  • नाग पंचमी: 6 अगस्त 2027 (शुक्रवार)
  • प्रत्येक माह: अमावस्या, पूर्णिमा एवं पंचमी तिथि शुभ मानी जाती है
  • धनतेरस: 27 अक्टूबर 2027 (बुधवार)

सटीक मुहूर्त आपकी कुंडली के अनुसार पंडित मंगलेश शर्मा जी से परामर्श के बाद निर्धारित किया जाता है। बुकिंग हेतु कॉल करें: 9827265140.

ऊपर दिए गए मुहूर्त के अलावा भी कुछ विशेष तिथियाँ भी होती है, इन तिथियों पर कालसर्प दोष निवारण पूजा करवाकर जातक और भी अधिक लाभ प्राप्त कर सकता है।

कालसर्प दोष पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 2027 में

कालसर्प दोष निवारण पूजा मुहूर्त

अगर आपकी कुंडली मे भी कालसर्प दोष है तो आपको कालसर्प दोष निवारण पूजा तुरंत ही करवानी चाहिए, लेकिन नीचे दिये गए शुभ मुहूर्त पर कालसर्प दोष पूजा करवाने से इस दोष से मुक्ति तो मिलेगी लेकिन साथ ही साथ कई लाभ भी मिल सकते है।

  • मास शिवरात्री – हिन्दी कलेंडर के अनुसार प्रत्येक माह के कृष्णपक्ष की त्रयोदशी को मास शिवरात्रि मनाई जाती है, और अगर आप कालसर्प दोष पूजा करवाना चाहते है तो ये दिन भी बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन भगवान शिव को समर्पित होता है तो इस दिन पूजा कराने से तुरंत ही फल प्राप्त हो सकता है। 
  • अमावस्या – ज्योतिषियो के अनुसार माना जाए तो, अमावस्या को कालसर्प दोष पूजा करवाना सबसे उत्तम माना गया है, अमावस्या मे भी माघ अमावस्या, वैशाख अमावस्या, श्रावण अमावस्या और आश्विन अमावस्या का विशेष महत्व होता है, इसके अलावा अगर कभी बीच मे सोमवती या शनैश्चरी अमावस्या आ जाए तो और भी शुभ माना जाता है। 
  • नागपंचमी – श्रावण मास मे आने वाली नागपंचमी को भी कालसर्प दोष निवारण पूजा करवाने के लिए बहुत ही उत्तम तिथि माना गया है, नागपंचमी के दिन पूरे विधि विधान से पूजा कराने से काल सर्प दोष से मुक्ति मिल सकती है।
  • पितृ पक्ष – जातक पितृ पक्ष मे किसी भी समय कालसर्प दोष शांति पूजा करवा सकता है, क्योंकि  आश्विन कृष्ण पक्ष प्रथमा से अमावस्या तक के 15 दिनों में कालसर्प दोष और पितृ दोष की शांति के लिए खास उपाय किए जा सकते हैं।

अगर आप इनमे से किसी भी शुभ मुहूर्त मे कालसर्प दोष पूजा करवाना चाहते है तो आपकी जानकारी के लिए हम आपको बताना चाहते है की कालसर्प दोष की पूजा के लिए कई सारे प्रशिद्ध स्थान है लेकिन इन सब स्थानो मे उज्जैन को थोड़ा उच्च स्थान का दर्जा दिया जाता है और यहाँ पर पूजा करवाकर आप इस दोष से जल्द ही छुटकारा पा सकते है।

उज्जैन मे कैसे कराये कालसर्प दोष निवारण पूजा

उज्जैन मे कैसे कराये कालसर्प दोष निवारण पूजा

कालसर्प दोष निवारण पूजा के लिए उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य मंगलेश शर्मा जी से अवश्य संपर्क करे,मंगलेश शर्मा जी को पिछले 23+ वर्षों से कालसर्प दोष और अन्य मांगलिक कार्यो को करने का अनुभव प्राप्त है। पंडित जी के पूजा करने के बाद अनेक यजमानों को लाभ का अनुभव प्राप्त हुआ है

मंगलेश शर्मा जी से मुफ्त परामर्श और कालसर्प दोष पूजा से संबन्धित किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त करने के लिए नीचे दी गई बटन पर क्लिक करे।

सर्प दोष के लिए कौन सा दिन अच्छा है?

कालसर्प दोष के लिए पूरा सावन का महिना व नाग पंचमी को सबसे अच्छा दिन माना गया है।

कालसर्प योग से कैसे छुटकारा पाएं?

कालसर्प दोष से छुटकारा पाने का सबसे आसान तरीका है कालसर्प दोष निवारण पूजा करवाना।


कालसर्प योग से क्या हानि होती है?

कालसर्प दोष से आर्थिक समस्या, दाम्पत्य जीवन में अनबन होने की हानी होती है, यहां तक अकाल मृत्यु का भय भी होता है

कालसर्प योग की शांति कैसे करें?

कालसर्प योग के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए महामृत्युंजय मंत्र(ॐ त्र्यम्बकं यजामहे, सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।, उर्वारुकमिव बन्धनान्मृ, त्योर्मुक्षीय मामृतात् ) का 108 बार जाप करना एक उपाय है।

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