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कालसर्प दोष कितने वर्ष तक रहता है? कैसे पाये 1 दिन मे मुक्ति

नवीन ज्योतिष शास्त्र मे कालसर्प दोष को बहुत ही खराब माना गया है। मान्यता है की जिस व्यक्ति की कुंडली मे कालसर्प दोष होता है वह व्यक्ति चारो ओर से परेशानियों एवं कठिनाइयो से घिर जाता है। कुंडली मे अन्य ग्रहो की अशुभ स्थिति इस दोष के दुष्प्रभाव को कई गुना तक बड़ा देती है। कुंडली मे कालसर्प दोष होने पर समय रहते उसका उपाय करना चाहिए अन्यथा व्यक्ति को कई वर्षो तक कालसर्प दोष के दुष्प्रभाव का सामना करना पड़ता है। आज हम इस लेख के माध्यम से जानेंगे की कालसर्प दोष कितने वर्षो तक रहता है? और किस प्रकार इस दोष से केवल 1 दिन मे मुक्ति पायी जा सकती है। उससे पहले हम यह जान लेते है की कालसर्प दोष क्या है ?

कालसर्प दोष क्या है?

कुंडली मे कालसर्प दोष होने का मुख्य कारण राहू और केतू ही है। मान्यताओ के अनुसार जब किसी जातक की कुंडली के सभी ग्रह राहू ओर केतू के बीच मे आ जाते है, तब व्यक्ति की कुंडली मे कालसर्प दोष परिलक्षित होता है। पूर्वजन्म मे किए गए किसी पाप के दण्ड स्वरूप या किसी निर्दोष जीव की हत्या करने पर भी कालसर्प दोष कुंडली मे दिखाई देता है। कालसर्प दोष के कारण व्यक्ति का जीवन संघर्षो और परेशानियों से घिर जाता है। 

कुंडली मे कालसर्प दोष कितने वर्षो तक रहता है?

यदि जन्मकुंडली मे कालसर्प दोष हो तो शीघ्र ही इसे दूर करने के उपाय करने चाहिए अन्यथा कालसर्प दोष के दुष्प्रभाव के कारण व्यक्ति को लंबे समय तक कई प्रकार की कठिनाइयो और संघर्षो का सामना करना पड़ सकता है। कुंडली मे कालसर्प दोष का दुष्प्रभाव कम से कम 27 वर्ष और अधिकतम जातक की मृत्यु तक रहता है। कालसर्प दोष के कारण व्यक्ति को नौकरी, शिक्षा और व्यापार मे सदैव हानि का सामना करना पड़ता है।

राहू और केतू क्या है?

सबसे पहले हम यह जान लेते है की आखिर राहू और केतू क्या है? और कैसे यह व्यक्ति के जीवन को अस्त – व्यस्त कर देते है, और साथ ही जीवन मे आने वाली बाधाओ का कारण बनते है।

ज्योतिषीय शास्त्रो मे इन दोनो ग्रहो को अशुभ माना जाता है, इसी कारण यदि व्यक्ति की कुंडली के सभी ग्रह इन दोनों ग्रहो के बीच मे आ जाए तो तो व्यक्ति को कालसर्प दोष का सामना करना पड़ता है। राहू और केतू दो छायादार ग्रह है जिन्हे पौराणिक कथाओ मे एक ग्रह राहू को सर्प का सिर वाला भाग और केतू को धड़ (अर्थात गले से नीचे वाला भाग ) माना जाता है।

किसी भी जातक की कुंडली मे काल सर्प दोष हो तो उसे राहू और केतू शांति मंत्र का पाठ करना चाहिए, ताकि कालसर्प दोष के दुष्प्रभाव को कम किया जा सके।

राहू केतू की स्थिति के अनुसार कालसर्प दोष का प्रभाव

कुंडली मे कालसर्प दोष बनने का मुख्य कारण राहू और केतू ही है। इन ग्रहो की स्थिति ही यह निर्धारित करती है, कुंडली मे कालसर्प दोष कितने वर्षो तक रहता है। राहू और केतू के कारण ही कालसर्प दोष का समयकाल कम या ज्यादा होता है।

  1. कुंडली मे यदि राहु प्रथम भाव स्थित में हो, तो कालसर्प दोष 27 वर्ष की आयु तक बना रहता है।
  2. यदि राहु द्वितीय भाव में स्थित हो,तो कालसर्प दोष 33 वर्ष की आयु तक बना रहता है।
  3. राहु तृतीय भाव में स्थित हो, तो इस दोष का समय काल 36 वर्ष हो जाता है।
  4. यदि राहु चतुर्थ भाव में स्थित हो, तो इस दोष की समयावधि 42 वर्ष तक होती है।
  5. यदि राहु पंचम भाव में स्थित हो, तो कालसर्प दोष 48 वर्ष की आयु तक बना रहता है।
  6. राहु छठवे भाव में स्थित हो, तो कालसर्प दोष 54 वर्ष की आयु तक बना रहता है।

1 दिन मे कालसर्प दोष से कैसे मुक्ति पाये?

कालसर्प दोष के दुष्प्रभाव को सदैव के लिए समाप्त करने के लिए आपको केवल उज्जैन मे आकर कालसर्प दोष निवारण पूजा करनी है। कालसर्प दोष निवारण पूजा के बाद ही आप कालसर्प दोष और इसके दुष्प्रभाव से सदैव के मुक्त हो पाते है। एक दिन मे कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए आपको कालसर्प दोष निवारण पूजा करना अनिवार्य है। पूजा के बाद कालसर्प दोष के कारण आ रही सभी प्रकार की परेशानियाँ स्वतः ही समाप्त हो जाती है।

कालसर्प दोष पूजा उज्जैन मे करवाए ?

अगर आप उज्जैन मे कालसर्प दोष पूजा करवाना चाहते है तो आप ज्योतिषाचार्य मंगलेश शर्मा जी से संपर्क कर सकते है। शर्मा जी को कालसर्प दोष और अन्य प्रकार की पूजा करवाने का 15 से अधिक वर्षो का अनुभव प्राप्त है। पूजा के बाद आपको 100% परिणाम मिलेगा।

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कालसर्प दोष कितने समय तक रहता है?

कुंडली मे कालसर्प दोष हो और उसे समय पर उसे दूर करने के उपाय न किए जाये तो कालसर्प दोष कम से कम 27 वर्ष और अधिकतम जातक की मृत्यु तक कुंडली मे रहता है।

1 दिन मे कालसर्प दोष से मुक्ति कैसे पाये?

एक दिन मे कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए आपको कालसर्प दोष निवारण पूजा करनी चाहिए। कालसर्प दोष निवारण पूजा के बाद ही आप कालसर्प दोष और उसके दुष्प्रभाव से सदैव के लिए मुक्त हो सकते है।

कालसर्प दोष क्या है?

कालसर्प दोष एक बहुत खरनाक दोष है। कालसर्प दोष के कारण व्यक्ति का जीवन संघर्षो और परेशानियों से घिर जाता है।

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